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राम जी का भजन।

 

राम नाम के साबुन  से जो,
मन का मैल छुडाएगा, (2)
निर्मल मन के दर्पण  मे वो,
राम  का दर्शन  पाएगा।
राम नाम  के साबुन 2)

राम, राम जी,जै,राम राम,
राम राम जै जै राम राम (6)

हर प्राणी मे राम  रमे है ,
पल भर तुमसे दूर  नही,(3)
देख सके न इन ऑखो से,
उन ऑखो मे नूर नही।(2)
देखेंगे मन मंदिर  मे जो,(2)
प्रेम  की जोत जो जगाएगा।
राम नाम के साबुन  से......।(2)

नर शरीर अनमोल है प्राणी,
हरि  कृपा से पाया है।(2)
झूठे जग प्रपंच मे पढकर,
क्यो हरि को बिसराया है।(2)
समय हाथ से निकल  गया तो,(4)
सिर धुन धुन  पछताएगा।
राम नाम का साबुन  से  ......।

झूठ कपट निंदा को छोडो,(2)
हर प्राणी से प्यार करो (2)
घर आए संतो की सेवा से ,
न कभी इन्कार करो(3)
न जाने किस रूप मे तुमको,(2)
नारायण  मिल जाएगा, (3)
राम नाम के साबुन  ......।

साधन तेरा कच्चा है,
जब तक प्रभु पर विश्वास नही,
हे साधन.........प्रभु पर विश्वास नही(2)
मजिल  का पाना है क्या,
जब दीपक मे ही प्रकाश नही,(2)
निश्चय है तो भवसागर से,(2)
सहज पार हो जाएगा।
राम नाम के साबुन  से,.....

राम राम जै जै,राम राम,
राम राम जै जै राम राम,( 6)

संपति का अभिमान  है जो तो,
वह तो आनी जानी है,(2)
राजा रंक अनेक हुए है,
कितनो की सुनी कहानी है,(2)
राम  नाम का  मंत्र ही बस (2)
साथ तुम्हारे जाएगा।(2)
राम नाम के साबुन  से जो,
मन का मैल छुडाएगा,
निर्मल मन के दर्पण  मे वो,
राम का दर्शन  पाएगा।(2)

राम राम जै जै  राम राम ,(4)
बोलो राम राम जै जै राम राम( 8)
राम राम  सिया राम,(4)
ॐॐॐॐॐॐॐ□□□ॐॐॐॐॐॐॐ
संकलनकर्ता
संदीप शर्मा।
Sandeepddn71@gmail.com Sanatansadvichaar.blogspot.com,
Jai shree Krishna g.
जय श्रीकृष्ण जय श्रीराम जय श्रीकृष्ण


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